AKTU Big Update: अब Carry Over पेपर होगा MCQ Based, PG छात्रों को हर महीने मिलेंगे 10,000 रुपये!

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने अपने छात्रों और शिक्षकों के लिए कुछ बड़े और शानदार फैसले लिए हैं, जिससे हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा ।

बुधवार को कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई यूनिवर्सिटी की विद्या परिषद की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई । सबसे बड़ी खबर यह है कि अब मुश्किल लगने वाली कैरी ओवर परीक्षा (Carry Over Exam) का पैटर्न पूरी तरह बदल दिया गया है ।

अब MCQ से होगी कैरी ओवर परीक्षा

एकेटीयू से जुड़े कॉलेजों के हजारों छात्रों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। अब से कैरी ओवर की परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) पर आधारित होगी । इसका मतलब है कि छात्रों को अब लंबे-लंबे जवाब लिखने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उन्हें सही विकल्प चुनना होगा ।

विश्वविद्यालय ने यह भी साफ किया है कि MCQ पेपर को थ्योरी पेपर के बराबर ही महत्व दिया जाएगा और पेपर का स्तर उसी के अनुसार रखा जाएगा ।

छात्रों और शिक्षकों के लिए भी बड़े ऐलान

खुशखबरी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती। बैठक में परास्नातक (Postgraduate) कोर्स के छात्रों के लिए भी एक बड़ा ऐलान किया गया है ।

  • हर महीने ₹10,000 की स्कॉलरशिप: घटक संस्थानों में पढ़ने वाले PG छात्रों को अब “अर्निंग व्हाइल लर्निंग” योजना के तहत हर महीने 10,000 रुपये की छात्रवृत्ति पाने का मौका मिलेगा ।
  • इंडस्ट्री के लिए तैयार होंगे B.Tech छात्र: बीटेक के छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए उनके पाठ्यक्रम में “इंडस्ट्री लेड माइनर कोर्सेस” को शामिल करने पर भी मुहर लगी है । इससे छात्रों को आधुनिक तकनीक और अन्य स्किल्स सीखने में मदद मिलेगी ।
  • शिक्षकों को रिसर्च के लिए 3 लाख: विश्वविद्यालय में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को “क्युमुलेटिव प्रोफेशनल डेवलपमेंट अलाउंस” के तहत तीन साल में तीन लाख रुपये दिए जाएंगे । इस राशि से शिक्षक देश-विदेश में होने वाले सेमिनार में अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे ।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से सुरक्षित होंगी डिग्रियां

डिग्री और मार्कशीट में होने वाली धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एकेटीयू अब ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल करेगा । कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इस तकनीक के तहत डिग्री से जुड़ी जानकारी 12 अलग-अलग सर्वर पर सुरक्षित रखी जाएगी ।

इससे डुप्लीकेसी की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी और डिग्रियों की प्रामाणिकता बनी रहेगी । इन महत्वपूर्ण फैसलों के दौरान बैठक में प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया और अन्य सदस्य भी मौजूद रहे ।

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