Jeffrey Epstein Files: पावर, नेटवर्क और खुलासों की पूरी कहानी

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न्यूयॉर्क शहर में मौजूद एक सात मंजिला आलीशान घर, जिसकी दीवारों पर अजीबोगरीब सजावट, हिडन कैमरे और दुनिया के ताकतवर लोगों की मौजूदगी—यह सब किसी फिल्म का सेट नहीं, बल्कि एक वास्तविक जगह थी।

यहां आने वाले लोग खाना खाते, बातचीत करते और अनजाने में रिकॉर्ड होते रहते थे। यही घर जेफरी एपस्टीन का था, जो बाद में एक बड़े ट्रैफिकिंग नेटवर्क से जुड़ा पाया गया।

हाल ही में जारी हुई नई फाइलों ने इस पूरे मामले को और गहराई से सामने ला दिया है, जिसमें कई बड़े नाम और चौंकाने वाले तथ्य शामिल हैं।

Epstein Files Release: क्या सामने आया

30 जनवरी को यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट ने “Epstein Files Transparency Act” के तहत बड़ी मात्रा में दस्तावेज जारी किए।

  • 30 लाख से ज्यादा पेज
  • 1,80,000 से अधिक फोटो
  • 2000 वीडियो

इन दस्तावेजों में कई देशों के लोगों के नाम और कई नई जानकारियां सामने आईं, जिससे यह मामला और बड़ा बन गया।

पावरफुल नेटवर्क और बड़े नाम

इन फाइल्स में कई बड़े और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं।

  • प्रेसिडेंट्स और प्राइम मिनिस्टर्स
  • बिजनेस लीडर्स और बिलियनर्स
  • रॉयल फैमिली के सदस्य

भारत से जुड़े नाम:

  • नरेंद्र मोदी (डायरेक्ट कनेक्शन नहीं, लेकिन बातचीत में जिक्र)
  • हरदीप सिंह पुरी
  • अनिल अंबानी

इसके अलावा इंटरनेशनल स्तर पर एलॉन मस्क, बिल गेट्स, डोनाल्ड ट्रंप जैसे नाम भी सामने आए।

Jeffrey Epstein की शुरुआत और उभरना

जेफरी एपस्टीन एक कॉलेज ड्रॉपआउट था, जो शुरुआत में बच्चों को मैथ्स पढ़ाता था। बाद में अचानक उसकी जिंदगी बदल गई।

  • न्यूयॉर्क के सबसे महंगे घर में रहना
  • प्राइवेट जेट्स में यात्रा
  • अरबपतियों का फाइनेंशियल एडवाइजर बनना

इस बदलाव के पीछे लेस्ली वैक्सनर का नाम आता है, जिन्होंने एपस्टीन को पावर ऑफ अटॉर्नी और महंगा घर दिया।

मैनहटन का आलीशान घर और हिडन कैमरे

एपस्टीन का मैनहटन स्थित घर बेहद लग्जरी था।

  • 40 से ज्यादा कमरे
  • करोड़ों डॉलर की कीमत
  • हिडन कैमरों से लैस हर कमरा

एक गवाह के अनुसार, घर में एक मीडिया रूम था जहां हर कमरे का लाइव फीड मॉनिटर्स पर दिखता था। बेडरूम और बाथरूम तक रिकॉर्ड होते थे।

रेड के दौरान यहां से सीडीज भी मिलीं, जिन पर माइनर्स और अन्य लोगों के नाम लिखे थे।

ब्लैकमेल का शक

इन सब सबूतों के आधार पर यह दावा किया गया कि एपस्टीन का असली बिजनेस सिर्फ ट्रैफिकिंग नहीं था, बल्कि पावरफुल लोगों को रिकॉर्ड करके बाद में ब्लैकमेल करना भी था।

नए खुलासे: ईमेल्स और कनेक्शन

एलॉन मस्क

  • 2012–2013 के बीच कई ईमेल्स
  • आइलैंड पर आने की बात
  • पार्टियों में शामिल होने की इच्छा

बिल गेट्स

  • कई मुलाकातें
  • प्राइवेट प्लेन में यात्रा
  • आरोपों को खारिज किया गया

प्रिंस एंड्रयू

  • विक्टिम के गंभीर आरोप
  • कानूनी सेटलमेंट
  • रॉयल टाइटल्स हटाए गए

भारत से जुड़े कनेक्शन

अनिल अंबानी

  • 2017–2019 के बीच ईमेल और मैसेज
  • व्हाइट हाउस से जुड़े मामलों पर चर्चा
  • मैनहटन घर में मीटिंग

हरदीप सिंह पुरी

  • कई ईमेल एक्सचेंज
  • तीन कंफर्म मीटिंग्स
  • मीटिंग्स मंत्री बनने से पहले की बताई गईं

नरेंद्र मोदी

डायरेक्ट कम्युनिकेशन नहीं मिला, लेकिन अन्य बातचीत में नाम का जिक्र हुआ। सरकार की ओर से इन दावों को निराधार बताया गया।

अन्य इंटरनेशनल कनेक्शन

  • सर्गेई ब्रिन
  • विलियम बर्न्स
  • रिचर्ड ब्रैनसन
  • दीपक चोपड़ा
  • नोम चॉम्स्की

इन सभी के साथ एपस्टीन के संपर्क या मुलाकात के रिकॉर्ड सामने आए।

पैटर्न: इंफॉर्मेशन और एक्सेस

पूरे मामले में एक पैटर्न दिखाई देता है—इंफॉर्मेशन और एक्सेस। इन्हीं के आधार पर एपस्टीन ने अपना नेटवर्क मजबूत किया।

अधूरी फाइल्स और उठते सवाल

अब तक 35 लाख पेज जारी हुए हैं, जबकि कुल 60 लाख डॉक्यूमेंट्स चिन्हित किए गए थे। यानी अभी भी कई दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।

सजा और विवाद

इस बड़े स्कैंडल के बावजूद सिर्फ गिसलेन मैक्सवेल को सजा मिली। अन्य लोगों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

इस केस से जुड़ी कई संदिग्ध मौतें भी सामने आई हैं, जिनमें एपस्टीन की मौत भी शामिल है जिसे आत्महत्या बताया गया।

Conclusion

जेफरी एपस्टीन की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक ऐसे सिस्टम की है जहां पावर और कनेक्शन का बड़ा रोल था।
नई फाइल्स ने कई सवाल खड़े किए हैं और अभी भी कई जवाब सामने आना बाकी है।

 

Updated: February 23, 2026 — 6:24 am

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