UP Scholarship Rules Big Update: अब इन स्टूडेंट्स को नहीं मिलेगा स्कॉलरशिप

UP Scholarship Rules Big Update: यूपी में SC/ST और सामान्य वर्ग की पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति के नियम बदले, किन्हें मिलेगा फायदा और कौन होंगे बाहर?उत्तर प्रदेश सरकार ने SC/ST और सामान्य वर्ग की दशमोत्तर (Post-Matric) छात्रवृत्ति के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब मैनेजमेंट कोटा और गैर-पारदर्शी तरीके से हुए दाखिलों पर सीधे असर पड़ेगा, जबकि पारदर्शी प्रक्रिया से एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए रास्ता साफ किया गया है।कौन-से नियम बदले गए हैं?

यह संशोधन “उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना नियमावली-2023” के नियम-5 (xiv) के नोट-2 में किया गया है। इसी तरह “उ०प्र० सामान्य वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना नियमावली-2023” के नियम-5 (xii) के नोट-3 में भी बदलाव किया गया है।यह आदेश समाज कल्याण अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन की ओर से कार्यालय ज्ञाप संख्या 01/2026/3501/26-3-2025-1574316 के तहत 01 जनवरी 2026 को जारी किया गया है, जिसे सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को भेजा गया है।

अब किन छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति?

नए नियमों के तहत अब उन्हीं विद्यार्थियों को शैक्षणिक भत्ता और शुल्क प्रतिपूर्ति मिलेगी, जिनका प्रवेश एक पारदर्शी और नियमबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। खास तौर पर व्यवसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों में दाखिले पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

  • जिन निजी शिक्षण संस्थानों में व्यवसायिक और तकनीकी कोर्सों में प्रवेश राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिए होता है, वहां के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा सकेगी।
  • अगर प्रवेश परीक्षा से अलग किसी पारदर्शी प्रक्रिया से एडमिशन हुआ है, जैसे विज्ञापन जारी करना, आवेदन आमंत्रित करना, मेरिट लिस्ट बनाना और चयन सूची प्रकाशित करना, तो ऐसे संस्थानों के विद्यार्थियों को भी नियमों के अनुसार लाभ मिल सकता है।
  • संबंधित पाठ्यक्रमों की फीस सक्षम प्राधिकारी द्वारा गठित शुल्क निर्धारण/शुल्क युक्तिकरण समिति से विधिवत अनुमोदित होना अनिवार्य रखा गया है।

किन्हें नहीं मिलेगा स्कॉलरशिप का फायदा?

संशोधन के बाद मैनेजमेंट कोटा और गैर-पारदर्शी तरीके से हुए एडमिशन पर सीधी रोक लगा दी गई है। ऐसे दाखिलों पर अब छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति का कोई लाभ नहीं मिलेगा।

  • किसी भी विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान में मैनेजमेंट कोटा सीट पर एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी।
  • “Non Transparent” यानी अपारदर्शी तरीके से हुए अन्य दाखिलों को भी स्पष्ट रूप से छात्रवृत्ति के दायरे से बाहर कर दिया गया है।

विश्वविद्यालयों और अधिकारियों के लिए निर्देश

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ ने यह आदेश अपने सभी संबद्ध संस्थानों को भेजकर नए नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

नोटिफिकेशन की प्रतियां कुलसचिव, सहायक कुलसचिव (स्कॉलरशिप), कुलपति कार्यालय, समस्त मण्डलीय एवं जिला समाज कल्याण अधिकारियों, जिलाधिकारियों, मण्डलायुक्तों सहित कई उच्च अधिकारियों को भेजी गई हैं और इसे विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्यार्थियों के लिए क्या मतलब है?

जिन विद्यार्थियों का एडमिशन राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा या किसी पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ है और जो अन्य शर्तें पूरी करते हैं, उनके लिए छात्रवृत्ति पाने का मौका मजबूत बना हुआ है।

वहीं, मैनेजमेंट कोटा या संदिग्ध/गैर-पारदर्शी तरीके से एडमिशन लेने वाले छात्रों को अब छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए आगे से किसी भी कोर्स में दाखिला लेते समय प्रक्रिया और नियमों की जानकारी पहले ही अच्छी तरह जांचना जरूरी हो गया है।

 

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